Tik Tok पर देशभक्ति..


जब लदाख की घाटियों में सेना को गाड़ियों की आवाजाही बड़ी,तो एक जागरूक इंसान जिसने ये खबर दी वो हैं थ्री इडियट फेम 'सोनम वांगचुक" जिन्होंने ना केवल यूट्यूब पर से वीडियो से बताया बल्कि जनता को भी संदेश दिया कि सभी बॉयकॉट करें चाइनीज उत्पादों का वा अपनी वॉलेट पॉवर से चीन को हराएं।उस समय तक हमारी सरकारें जनता से ये सच छुपा रही थी, कि कुछ हुआ भी है लदाख में लेकिन जैसे जैसे समय बीतता गया, कई सेटेलाइट तस्वीरों सामने आयी और २० शहादातों के बाद सरकार को मजबूरी में बताना पड़ा कि हमारी लादख की सीमा में चीन की सेना ने दखल देना शुरू किया है।

हमारे देश के कई टिक टोक यूज र्स ५९ ऐप को बन्द करने की कार्यवाही को सरकार का सराहनीय कदम बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई जटिल बुद्धि इस बात को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं कि टिक टोक समेत कई चाइनीज ऐप्स पर प्रतिबंध लगाना, भारत सरकार का चीन को कड़ा संदेश देने की शुरुआत में प्रथम कदम है। भले ही सरकार ये कदम दर से उठाने में देरी हुई पर भारत का चीन के खिलाफ ऐप्स पर प्रतिबंध विश्व के देशों को प्रेरित करता है कि अन्य देश भी ऐसा कदम उठा सकते हैं चीन जहां भी सीमाओं का उल्लंघन करे देश जनता को जनता और सरकार उसका विरोध करें खुलकर।
चीन की बौखलाहट सामने अभी से आने लगी जबकि जनकरों का मानना था, इससे कोई खास असर नहीं पड़ेगा चीन पर, लेकिन इस पाबंदी को जापान से लेकर अमेरिका के बड़े न्यूज पेपर में मुख्य हेडलाइन देकर छापा है। जहां एक ओर बदनामी हो रही है चीन की वहीं दूसरी ओर वो दवाब में आने को तैयार नहीं हैं।

ऐसे में प्रश्न ये है कि विरोध क्यों ना करे जिनके लाखों फॉलोअर्स थे, चाइनीज ऐप्स पर... उत्तर भी सरल है जब लद्ख में २० जवानों को मार दिया जाता है बिना किसी कारण,चीन ना केवल धौस दिखा रहा है बल्कि 15 जून की हिंसा के बाद गालवान घाटी पर ध्यान केंद्रित किया गया है, एक और अभूतपूर्व सामना पैंगोंग त्सो में हुआ है।

 कर्नल एस। डनी (retd) के अनुसार, चीन के पीएलए ने फिंगर 4 और फिंगर 8 के बीच भारतीय क्षेत्र पर टेंट और अन्य संरचनाओं को खड़ा करके, समझौतों के नियमों को बदल दिया है।और हमारी धारणा फिंगर 8 पर है। फिंगर्स [पर्वतीय स्पर्स] की संख्या 1 से 8 तक है, जो पश्चिम से पूर्व की ओर है। इसलिए, 8 किमी की दूरी है जहां पूरा संघर्ष हो रहा है। हमारी पोस्ट फ़िंगर 2 और 3 के बीच है, जो गहराई वाले क्षेत्रों की सड़क से अच्छी तरह से जुड़ी हुई है। फ़िंगर 4 से 1 किमी छोटा ट्रैक है, लेकिन यह वहाँ समाप्त होता है। उसके बाद, यह केवल एक फुट ट्रैक है।चीनी सिरिजाप में हैं, जो फिंगर 8 से 8 किमी पूर्व में है।
किलोमीटर का  एरिया जहां दोनों देश की सेनाओं की पेट्रोलिंग बन्द थी वहां पर भी बंकर बना लेना और रोड का निर्माण दर्शाता है ,हमारे नेताओं का रवैया कितना ढीला रहा है सीमाओं को लेकर ,हमारे देश की फौज को खुली छूट दर से देना।
ऐसे में भारतीय जनता का भी कर्तव्य है कि अपने कुछ मनोरंजन या व्यवसाई लाभ हानि को ना देखते हुए मनोबल बढ़ाना सेना का और सरकार से जवाब मांगते रहना भी। आमतौर पर देखा गया है कि टिक्तोकर्स देशभक्ति करने के बड़े बड़े उदहारण पेश करते हैं,पर हमारी जहां खुद पर इसे सिद्ध करने की बात आती है तो हम पीछे क्यों हट जाते हैं। टिक टोक पर प्रतिदिन पड़ने वाले विडियोज की संख्या भारत में लाखों में थी।ऐसे में फर्क तो पड़ा है टिक टोक देखने वालों और मुख्यता असर पड़ा है इस पर संदेश देने वालों और तरह तरह के  को देने वालों में,लाखों की संख्या में लोगों को यहां से मनोरंजन, ज्ञान और समय को बर्बाद करने वाली विडियोज मिलती थी। हमारा उद्देश्य किसी की भी भावना को ठेस पहुचाने का नहीं है , स्वार्थी ना बनो इतना , देश को भी समझों उतना.... 
हम विकल्प के तौर पर दूसरे ऐप्स चुन सकते हैं, अपना टैलेंट दूसरे जगह पर दिखा सकते हैं।देश को जोड़े स्वार्थी ना बने
एक बात तो साफ है इससे आईटी क्षेत्र को बल मिलेगा और इस प्रकार देश अपने खुद के  रोजगार सृजन में अहम भूमिका निभाएगा।
स्वदेशी अपनाएं देश को सशक्त बनाएं।
     
जय हिन्द जय भारत 
एक भारत श्रेष्ठ भारत
      🇮🇳
#देश को  सुरक्षित बनाना है तो Chinese
 Software Hardware हटाना है 
#BoycottChineseCompanies
#BoycottChineseProduct

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